पालिका प्रशासन/प्रतिनिधी : भारत रक्षा मंच इस हिंदू धर्माभिमानी संघठनने हिंदुओं से बांग्लादेशी कपड़ों का बहिष्कार करने और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का आवाहन किया है। मंच का दावा है कि बांग्लादेशी कपड़ों के आयात से भारतीय कपड़ा उद्योग को नुकसान हो रहा है और इससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। मंच ने सरकार से बांग्लादेश से कपड़ों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
गुजरात के अहमदाबाद में भारत रक्षा मंच की दोन दिवसीय संपन्न राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक में यह आवाहन किया गया है। भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय मंत्री शशांक चोपडा ने जब “बांगलादेश में मंदिरो पर होनेवाले हमले का भारत मे प्रभाव” का प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्यकारणी के सामने पारित करने को रखा, तब कोंकण प्रांत से ‘हिंदुओं से बांग्लादेशी कपड़ों का बहिष्कार करना चाहिए’ ऐसी सूचना एवं सुझाव रखा गया। जिस पर चर्चा हुवी की, और “बांग्लादेशी कपड़ों के आयात से भारतीय कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है। इससे न केवल भारतीय कपड़ा श्रमिकों की नौकरियां जा रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी कमजोर हो रही है। हम हिंदुओं से अपील करते हैं कि वे बांग्लादेशी कपड़ों का बहिष्कार करें और केवल भारतीय कपड़े खरीदें।”
भारत रक्षा मंच ने सरकार से बांग्लादेश से कपड़ों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। मंच का मानना है कि इससे भारतीय कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
प्रमुख मुद्दे :
- भारत रक्षा मंच एक हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है जो भारतीय संस्कृति और हितों की रक्षा के लिए काम करता है।
- बांग्लादेश दुनिया के सबसे बड़े कपड़ा निर्यातक देशों में से एक है।
- भारत बांग्लादेश से कपड़ों का एक प्रमुख आयातक है।
- भारतीय कपड़ा उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है।
“भारत रक्षा मंच ने हिंदुओं से बांग्लादेशी कपड़ों का बहिष्कार करने और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का आह्वान किया है। मंच का दावा है कि बांग्लादेशी कपड़ों के आयात से भारतीय कपड़ा उद्योग को नुकसान हो रहा है और इससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।” भारत रक्षा मंच ने सरकार से बांग्लादेश से कपड़ों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।


